- Fast delivery worldwide
- Dispatch from the Store in 2 working days
- Status: In Stock
मनुष्य महाबली कैसे बना
Book Details
- Choose Book Type:
- Pages:248 pages
- Edition Year:2026
- Publisher:Anurag Trust
- Language:Hindi
- ISBN:978-81-89719-10-4
Book Description
आज जब मनुष्य की उत्पत्ति
और मानव समाज के विकास को लेकर तमाम क़िस्म के अवैज्ञानिक और भ्रामक विचार फैलाए
जा रहे हैं तब इस किताब का महत्व और उपयोगिता बहुत ज़्यादा है। यह आज से क़रीब 90
साल पहले लिखी गयी थी और तब से इस विषय में कई नयी खोजें हुई हैं लेकिन इसमें
बताये गये मूल सिद्धान्तों में कोई बड़ा अन्तर नहीं आया है। इसकी सबसे बड़ी ख़ूबी है
कि यह इस विषय को इतने रोचक ढंग से समझाती है कि बच्चों और किशोरों ही नहीं, हर
उम्र के उत्सुक पाठकों के लिए एक ज़रूरी किताब बन जाती है।
जैसाकि पुस्तक की प्रस्तावना कहती है –
इस धरती पर एक महाबली रहता है। उसके हाथ भीमकाय रेलवे इंजन को उठा सकते हैं। उसके पैर हज़ारों कोस रोज़ नाप सकते हैं। उसके पंख उसे बादलों के ऊपर ले जा सकते हैं, जहाँ कोई पक्षी भी नहीं पहुँच सकता। उसके पर किसी भी मछली के परों से ज़्यादा शक्तिशाली हैं। उसकी आँखें अदृश्य चीज़ों को देख लेती हैं, उसके कान दुनिया के दूसरे छोर पर बोले गये शब्द सुन लेते हैं। वह इतना बलवान है कि पहाड़ों को आरपार छेद सकता है और झरनों को रोक सकता है। वह धरती का चेहरा बदल रहा है, जंगल उगा रहा है, समुद्रों को जोड़ रहा है, रेगिस्तानों में पानी ला रहा है।
यह महाबली कौन है? मनुष्य। लेकिन वह महाबली कैसे बना, वह धरती का राजा कैसे बना? यही इस पुस्तक की कहानी है।
बड़े आकार (7 x
9.5 इंच) के 248 रंगीन पेजों वाली 80 ग्राम शेषशायी
नेचुरल शेड काग़ज़ पर छपी इस किताब की क़ीमत सिर्फ़ 425 रुपये रखी गयी है।
